- Pan-India Superstar Shivarajkumar Unleashes His Fiercest Avatar Yet as the ‘Original Monster’; First Poster and Motion Poster Out Now
- पैन इंडिया सुपरस्टार शिवराजकुमार का अब तक का सबसे खूंखार अवतार ‘ओरिजिनल मॉन्स्टर’; पोस्टर और मोशन पोस्टर हुआ रिलीज
- Akshay Kumar-Vipul Amrutlal Shah reunite for alien thriller Samuk after 12 years
- Five Bollywood actor-filmmaker partnerships that became a genre of their own
- Mismatched S4 to The Revolutionaries, Rohit Saraf is Keeping the Ball Rolling this Year
लिवर संबंधी हर समस्या का होगा निदान एक छत के नीचे
शेल्बी हॉस्पिटल में शुरू हुआ लिवर डिसीज़ और ट्रांसप्लांट सेंटर
इंदौर. लिवर ट्रांसप्लांट के क्षेत्र में पिछले 10 वर्षों में क्रांतिकारी परिवर्तन आए है। पहले जहां यह सुविधा देश के चंद बड़े शहरों तक ही सीमित थी, वही अब लोगों को बेहतर और समय पर इलाज देने के लिए पूरे देश में शेल्बी हॉस्पिटल्स के मल्टी स्पेशिलिटी हॉस्पिटल्स की चैन मौजूद है।
शेल्बी हॉस्पिटल अहमदाबाद में सफलतापूर्वक लिवर ट्रांसप्लांट यूनिट सेटअप करने के बाद अब इंदौर स्थित शेल्बी हॉस्पिटल में भी लिवर डिसीज़ और ट्रांसप्लांट सेंटर शुरू होने जा रहा है। इस सेंटरमें सभी तरह की लिवर से संबंधित बीमारियों का निदान संभव होगा। यहां इमरजेंसी सर्विसेज के साथ ही बच्चों और बड़ों दोनों के लिए लिवर ट्रांसप्लांट की सुविधा भी होगी।
लिवर ट्रांसप्लांट सेंटर के डॉ आनंद के खखार कहते हैं कि मध्यप्रदेश में लिवर ट्रांसप्लांट बहुत कम होते हैं। मरीजों को लिवर ट्रांसप्लांट के लिए मुंबई, दिल्ली और चैन्नई जैसे बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था। सही समय पर इलाज के अभाव में कई मरीजों को अपनी जान से भी हाथ धोना पड़ता था।
2017 में शहर में सिर्फ कुछ सेंटर्स पर लिवर ट्रांसप्लांट हुए हैं। इनमें भी दिल्ली जैसे बड़े शहरों से आए विजिटिंग सर्जन्स की मदद ली गई। इस स्थिति में शेल्बी हॉस्पिटल द्वारा शुरू किया गया लिवर ट्रांसप्लांट यूनिट शहर और आसपास के लिवर पेशेंट्स के लिए किसी वरदान से कम नही होगा , जहां एक छत के नीचे ही उन्हें एक्सपर्ट डॉक्टरों और सर्जन्स की टीम का साथ मिल पाएगा। जल्द ही यहां लग्स और हार्ट ट्रांसप्लांट की सुविधा भी शुरू की जाएगी।
गलत खानपान की आदतें और एक्सरसाइज की कमी से भी है लिवर की बीमारियां
डॉ विनय कुमारन ने बताया कि आमतौर पर हेपिटाइटिस बी और सी लिवर सिरहोसिस और कैंसर के प्रमुख कारण होते हैं। आजकल गंभीर लिवर संबंधी बीमारियों के पीछे नॉन अल्कोहोलिक स्टीटो-हेपटाइटिस भी प्रमुख कारण बन चुका है।
डाइबिटीज में सही देखभाल ना करने और मोटापे के कारण भी फैटी लिवर की समस्या हो सकती है। शराब का सेवन लिवर संबंधी बीमारियों का सिर्फ एक कारण है, आजकल हम जो अनहेल्दी डाइट ले रहे हैं और एक्सरसाइज से दूरी भी लिवर संबंधी बीमारियों को न्योता देती है। यदि फैटी लिवर की समस्या का समय रहते इलाज ना किया जाए तो यह लवर सिहोसिस या कैंसर का रूप भी ले सकती है।
कम उम्र में मौत का बड़ा कारण लिवर की बीमारी
डॉ विनीत गौतम ने बताया कि शराब के अधिक सेवन के कारण होने वाली लिवर की बीमारियां कम उम्र में मौत का सबसें बड़ा कारण बनती जा रही है। सिर्फ हमारे देश ही नही बल्कि पूरे एशिया में शराब के कारण होने वाली लिवरसंबंधी बीमारियों में इजाफा हुआ है। इसे देखते हुए हमें लोगों में स्वस्थ खानपान की आदतों और अंगदान दोनों को लेकर जागरूकता फैलाने की जरूरत है।
सबसे बुजुर्ग डोनर से लिवर लेकर बनाया ट्रांसप्लांट का रिकॉर्ड
अहमदाबाद की टीम के नाम सबसे अधिक उम्र के डोनर से लिवर लेकर सफलतापूर्वक लिवर ट्रांसप्लांट करने का रिकॉर्ड भी है। टीम ने 80 वर्ष के ब्रेन डेड बुजुर्ग से लिवर लेकर, लिवर संबंधी बीमारी के अंतिम दौर को सह रहे एक सूरत निवासी मरीज को नई जिंदगी दी थी। वही एक जीवित डोनर से लिवर का एक हिस्सा लेकर उनके पिता की जान बचाने जैसा कारनामा भी इस टीम ने अपनी सूझबूझ से कर दिखाया था। इसी तरह के एक्सपर्ट डॉक्टर्स और सर्जन्स की टीम इंदौर सेंटर पर भी होगी।
यह होगी टीम
डॉ आनंद के खखार (एमबीबीएस, एम एस सर्जरी)
डॉ विनय कुमारन (एमबीबीएस, एम एस सर्जरी)
डॉ भाविन वसावद (एमबीबीएस, एम एस सर्जरी)
डॉ हार्दिक पटेल (एमबीबीएस, एम एस सर्जरी)
डॉ विनीत गौतम (एमएस, एमसीएच, जीआई सर्जरी)


